ghatshilaAugust 16, 2026
स्वतंत्रता दिवस पर एसडीयू स्कूल ऑफ फार्मेसी में राष्ट्रभक्ति, महिला सशक्तिकरण और सुरक्षित औषधि का संदेश
सोना देवी यूनिवर्सिटी में झंडा तोलन
By Newsroom

घाटशिला, 15 अगस्त 2026। सोना देवी विश्वविद्यालय के एसडीयू स्कूल ऑफ फार्मेसी में देश का 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास, गरिमा और देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। समारोह में विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रभाकर सिंह, कुलपति डॉ. ब्रज मोहन पत पिंगुआ, कुलसचिव डॉ. नित नयना, स्कूल ऑफ फार्मेसी के प्राचार्य सुधांशु शांडिल्य, शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मचारी तथा बी.फार्मा और डी.फार्मा के विद्यार्थियों ने भाग लिया।
इस वर्ष समारोह को फार्मेसी और जनस्वास्थ्य से जोड़ते हुए “स्वस्थ राष्ट्र के लिए महिला सशक्तिकरण — सुरक्षित औषधि, बेहतर स्वास्थ्य” विषय पर केंद्रित किया गया। कार्यक्रम में महिला स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, औषधियों के सुरक्षित एवं तर्कसंगत उपयोग तथा स्वस्थ समाज के निर्माण में फार्मासिस्ट की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया।
कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता केवल राजनीतिक आजादी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को समान अवसर, सम्मान, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता प्रदान करने की निरंतर प्रतिबद्धता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग राष्ट्र निर्माण एवं समाज कल्याण में करने का आह्वान किया।
कुलपति डॉ. ब्रज मोहन पत पिंगुआ ने कहा कि विश्वविद्यालय जिम्मेदार नागरिक और संवेदनशील समाज के निर्माण के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। फार्मेसी विद्यार्थियों पर समाज के स्वास्थ्य की रक्षा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने सुरक्षित औषधि उपयोग, रोगी देखभाल और जनस्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की बात कही।
कुलसचिव डॉ. नित नयना ने कहा कि महिला सशक्तिकरण और बेहतर स्वास्थ्य एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हैं। सुरक्षित एवं तर्कसंगत औषधि उपयोग तथा स्वास्थ्य जागरूकता स्वस्थ और सशक्त भारत की आधारशिला है।
प्राचार्य सुधांशु शांडिल्य ने कहा कि फार्मेसी का क्षेत्र अब केवल औषधि निर्माण और वितरण तक सीमित नहीं है। रोगों की रोकथाम, औषधि सुरक्षा, रोगी परामर्श और स्वास्थ्य जागरूकता में भी फार्मासिस्ट की भूमिका महत्वपूर्ण है।
सहायक प्राध्यापिका हर्षा वर्मा ने महिला स्वास्थ्य और सशक्तिकरण के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं सहायक प्राध्यापक किशोर कुमार महाकुड़ ने सुरक्षित एवं तर्कसंगत औषधि उपयोग में फार्मासिस्ट की जिम्मेदारी को रेखांकित किया। सहायक प्राध्यापिका उमा महतो ने विद्यार्थियों से व्यावसायिक ज्ञान के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रयोगशाला प्रदर्शक सफीनाज तय्यबा और प्रयोगशाला सहायक प्रतीक का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। बी.फार्मा एवं डी.फार्मा के विद्यार्थियों ने उत्साह और अनुशासन के साथ समारोह में सहभागिता की तथा महिला सशक्तिकरण, सुरक्षित औषधि उपयोग और स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े संदेशों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
समारोह में यह संदेश प्रमुखता से सामने आया कि सशक्त महिला स्वस्थ परिवार की नींव, सुरक्षित औषधि बेहतर स्वास्थ्य की आधारशिला और जिम्मेदार फार्मासिस्ट स्वस्थ राष्ट्र का महत्वपूर्ण सहभागी है। एसडीयू स्कूल ऑफ फार्मेसी ने फार्मेसी शिक्षा को जनस्वास्थ्य, औषधि सुरक्षा, महिला स्वास्थ्य और सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्र की एकता, अखंडता, स्वास्थ्य और समृद्धि के प्रति प्रतिबद्धता के साथ हुआ।


