ghatshilaAugust 21, 2026
बागजाता माइंस में विस्थापित महिला ने नौकरी की मांग को लेकर किया गेट जाम, तीन घंटे ठप रहा कामकाज
महिला के प्रदर्शन के कारण करीब तीन घंटे तक माइंस का कामकाज प्रभावित रहा।
By Newsroom
मुसाबनी स्थित यूसीआइएल की बागजाता माइंस में शुक्रवार को नौकरी की मांग को लेकर एक विस्थापित महिला ने मुख्य गेट जाम कर दिया। अधिकारियों के समझाने और वार्ता के बाद गेट जाम समाप्त कराया गया।
मुसाबनी के बागजाता माइंस में शुक्रवार सुबह उस समय अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब नौकरी की मांग को लेकर विस्थापित महिला रसला टुडू ने माइंस के मुख्य द्वार पर गेट जाम कर दिया।
सुबह की पहली पाली में अचानक हुए इस प्रदर्शन के कारण ड्यूटी पर पहुंचे अधिकारी और कर्मचारी माइंस परिसर में प्रवेश नहीं कर सके। इसके चलते खदान का कामकाज करीब तीन घंटे तक पूरी तरह बाधित रहा।
गेट जाम की सूचना मिलने पर अपर प्रबंधक एमके साहू और प्रशासनिक अधिकारी जीवीएन कृष्णा मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रही महिला से बातचीत की और उन्हें उचित प्रक्रिया की जानकारी दी। समझाने-बुझाने के बाद महिला ने गेट जाम समाप्त कर दिया।
इसके बाद सुबह करीब 10:30 बजे अधिकारी और मजदूर माइंस परिसर में प्रवेश कर ड्यूटी पर गए। गेट जाम के कारण सुबह की पाली का काम करीब तीन घंटे की देरी से शुरू हो सका।
विस्थापित महिला ने अधिग्रहित जमीन के एवज में नौकरी देने की मांग की। इस पर प्रबंधन के अधिकारियों ने कहा कि बिना पूर्व सूचना या आवेदन के अचानक माइंस का काम बाधित करना उचित नहीं है। अधिकारियों ने महिला से लिखित आवेदन देने को कहा और आश्वासन दिया कि आवेदन मिलने के बाद मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, प्रबंधन सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2006 में माइंस की स्थापना के दौरान संबंधित परिवार की 2.05 एकड़ जमीन अधिग्रहित की गई थी। इसके एवज में परिवार के सदस्यों को पहले ही पांच नौकरियां दी जा चुकी हैं।
फिलहाल, महिला के आवेदन और प्रबंधन की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी।


