politicsAugust 2, 2026
एसटी, एससी और ओबीसी अधिकारों को लेकर झारखंडी भाषा-भाषी मूलनिवासी संघ की बैठक, आंदोलन तेज करने की रणनीति पर मंथन
बैठक में एसटी, एससी और ओबीसी समुदाय के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा तथा परिसीमन के संभावित प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई।
By Newsroom

घाटशिला के फूलडूंगरी स्थित बाबा तिलका मांझी भवन में रविवार को झारखंडी भाषा-भाषी मूलनिवासी संघ के बैनर तले परिसीमन से संबंधित चर्चा-परिचर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बैठक में एसटी, एससी और ओबीसी समुदाय के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा तथा परिसीमन के संभावित प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि यदि परिसीमन के कारण आदिवासी, मूलवासी तथा पिछड़े वर्गों के अधिकार प्रभावित होते हैं, तो इसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा। संगठन के सदस्यों ने आगामी दिनों में जनजागरूकता अभियान चलाने और व्यापक आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने पर भी विचार-विमर्श किया।
इस दौरान उपस्थित लोगों ने समाज के सभी वर्गों से एकजुट होकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया। बैठक में यह भी तय किया गया कि गांव-गांव जाकर लोगों को परिसीमन और उससे जुड़े मुद्दों की जानकारी दी जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा।
बैठक में संजय पारा, सुबोध माली, गौरव माली, सोमनाथ अधिकारी सहित बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।




