jamshedpurJuly 16, 2026
आदिवासी मध्य विद्यालय में जर्जर भवन के एक ही कमरे में बैठ पढ़ रहे तीन कक्षाओं के छात्र
पटमदा के आदिवासी मध्य विद्यालय में जर्जर भवन के कारण 426 छात्र एक ही कमरे में पढ़ने को मजबूर हैं। प्रशासन की अनदेखी से बच्चों का भविष्य खतरे में है
By Newsroom

पटमदा. स्थानीय आदिवासी मध्य विद्यालय में जर्जर भवन और कमरों की भारी किल्लत के कारण छात्र-छात्राओं का भविष्य अंधकारमय बना हुआ है. विद्यालय के पांच कमरों की स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि उन्हें खोलना किसी बड़े खतरे को आमंत्रण देने जैसा है. दरअसल, वर्ष 2024 में इस कमरे में छात्रा अनीता महतो के साथ एक दुर्घटना हुई थी, जिसके बाद से सुरक्षा के लिहाज से स्कूल प्रबंधन समिति द्वारा इन पांच जर्जर कमरों में ताले लगाये गये हैं. अब पिछले तीन वर्षों से स्कूल के अन्य बचे हुए मात्र छह कमरों में ही कक्षा एक से लेकर आठवीं तक के बच्चे किसी तरह पढ़ाई करने को मजबूर हैं.426 विद्यार्थियों के लिए बचे हैं सिर्फ 6 कमरे
जनप्रतिनिधियों और विभाग की अनदेखी से आक्रोशकमरों के इस गंभीर अभाव के चलते स्कूल में एक अजीबोगरीब और दमघोटू स्थिति बन गयी है. यहां एक ही कमरे में कक्षा 1, 2 और 3 के बच्चों को एक साथ बैठाया जाता है, जबकि एक अन्य कमरे में कक्षा 4 और 5 के बच्चे एक साथ पढ़ते हैं. परीक्षा के दौरान बच्चों और शिक्षकों की परेशानी दोगुनी हो जाती है. वर्तमान में इस विद्यालय में कुल 426 विद्यार्थी नामांकित हैं, जिन्हें पढ़ाने के लिए प्राथमिक स्तर पर चार शिक्षक और उच्च प्राथमिक स्तर पर तीन शिक्षक कार्यरत हैं. स्कूल के प्रधानाध्यापक मजनू अंसारी ने बताया कि एक कमरे में कई क्लास के बच्चों को बैठाने से पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है. इस बदहाली को लेकर सांसद, विधायक और शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को कई बार ज्ञापन सौंपा गया है, लेकिन अब तक जर्जर भवन के जीर्णोद्धार या नए कमरों के निर्माण को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गयी है.



