Wednesday, September 2, 2026
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jamshedpurJuly 14, 2026

घाटशिला में मलेरिया का खतरा बरकरार, अब तक 199 मरीज; स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, गांव-गांव होगी स्क्रीनिंग

पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला प्रखंड में मलेरिया का खतरा लगातार बना हुआ है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता के चलते स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए व्यापक स्तर पर जांच और निगरानी अभियान चलाया जा रहा है।

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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार घाटशिला प्रखंड में अब तक ब्रेन मलेरिया के 199 मरीज सामने आ चुके हैं। जिले के विभिन्न प्रखंडों में लगातार स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है और संदिग्ध मरीजों की तत्काल आरडीके किट से जांच की जा रही है। गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर किया जा रहा है। वर्तमान में एमजीएम अस्पताल में 9 मलेरिया मरीज भर्ती हैं, जिनमें एक मरीज की हालत गंभीर बताई जा रही है। मॉनसून के दौरान मच्छरों के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा है। सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने निर्देश दिया है कि बुखार के प्रत्येक संदिग्ध मरीज की तत्काल मलेरिया जांच सुनिश्चित की जाए। स्वास्थ्य विभाग ने प्रतिदिन 5,000 लोगों की आरडीके किट से जांच का लक्ष्य तय किया है। जिस गांव में मलेरिया का मरीज मिलेगा, वहां तीन दिनों के भीतर पूरे गांव की स्क्रीनिंग कराई जाएगी। इसके साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में एंटी-लार्वा छिड़काव और नियमित स्वास्थ्य जांच अभियान भी जारी रहेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में अंधविश्वास के खिलाफ विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। ग्राम प्रधानों के सहयोग से लोगों को समझाया जाएगा कि बुखार आने पर झाड़-फूंक के बजाय तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जांच और उपचार कराएं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द या शरीर में दर्द जैसे मलेरिया के लक्षण दिखाई देने पर बिना देर किए स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं, ताकि समय पर इलाज शुरू कर संक्रमण को गंभीर होने से रोका जा सके।
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